प्रिय फौजी…जल्दी आना!

द्वारा अर्चना सिंह

You can also listen to the podcast here

प्रिय फौजी,
बेशक बहुत दूर हो तुम अपने घर से, अपने लोेगों से, अपने दोस्तों से, अपनी गलियों से, अपने शहर से,
उस मोड़ पर जहां पर तुम साइकिल चलाया करते थे,
उस सड़क पर जहां तुम ईंटों का विकेट बनाया करते थे,
वह मैदान जहां तुम खेला करते थे,
वह रास्ता जिससे तुम्हारी यादें जुड़ीं थी,
वह बाज़ार जहां से तुम निकला करते थे,
वह ढाबा जहां तुम खाया करते थे,
वह बालकनी जिसमे तुम किसी को ढूंढा करते थे,
वह खिड़की का कांच जिसे अकसर तुम बाॅल से तोड़ आया करते थे,
वह मोहल्ले के चार दोस्त जिनसे तफरी करते थे ।

याद है तुम्हे, जब मां ने बोला था – कब आओगे फिर ?
याद होगा न तुम्हे, जब बहन ने बोला था – भैया अगली बार क्या लाओगे ?
जब पिताजी ने बोला था कि – कभी फोन वगैरह कर लिया करो !
किसी ने जब बोला था – ज़रा चिट्ठीयां तो लिख लिया करों !

दिवाली आज भी मनती है, दीया तुम्हारे नाम का भी जलता है,
ईद आज भी मनती है, और ईदी तुम्हारे नाम की भी बचाई जाती है,
होली पर आज भी तुम्हारी पसन्द का लाल गुलाल ही सब लगाते है ।

क्योंकि उम्मीद है कि एक दिन तो घर आना ही है, इस बार नही तो अगली दिवाली ही सही।
पता है हर उस मां को, बहन को, पत्नी को, कि कही दूर वहां कुछ याद करते होगे, कुछ सोचा करते होगे !
पता है उस पिता को, कि तुम पहले देश के हो, फिर उनके !
पता है उस बच्चे को कि पापा की वर्दी ही उनकी पहचान है !
पता है उस दोस्त को कि उसके जिग्री यार के कंधे पर लगे वह कुछ तारे ही उसकी शान है !

आज भी वही महक है उन जलेबियों की, आना कभी उस गली तो खाना,
आज भी वही स्वाद है उस चाय, आना कभी तो चुस्की ले लेकर पीना,
आज भी मंदिर में वही अगरबत्ती जलती है, कभी निकलना तो महक लेना !

तुम दूर ज़रूर हो:
पर लोग तुम्हे याद करते है !
वहां सरहद पर और यहां घर पर लगभग एक ही महौल है,
इंतज़ार में तुम अमन के,
इंतज़ार में हम तुम्हारे ।।
जल्दी आना –
द्वारा: एक नागरिक, हर भारतीय, एक मां, एक बाप, एक बहन, एक भाई, एक बेटा, एक बेटी, एक दोस्त, एक पत्नी और एक घर ।।

The author describes herself as a Lucknowite, a cynophile, a foodie, a chai lover, a writer, an
engineer, and above all…a SOLDIER.

One thought on “प्रिय फौजी…जल्दी आना!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s